महाकुंभ के बाद विदेश से आई संगम के जल की डिमांड, जर्मनी भेजा गया एक हजार बोतल गंगा जल

Ganga Water Supply
प्रयागराज। Ganga Water Supply: सनातन संस्कृति और अध्यात्म से साक्षात्कार कराने वाला महामेला महाकुंभ का आयोजन भले फरवरी में समाप्त हो चुका है, मगर संगम में बहती आस्था की धारा और भी प्रवाहमान है। देश में ही नहीं, विदेश में भी पुण्य प्रसाद के रूप में गंगा के पावन व अमृत जल की मांग बढ़ती जा रही है।
अमेरिका, जापान व आस्ट्रेलिया सहित कई देशों से महाकुंभ में आए श्रद्धालु अपने साथ गंगा जल ले गए। विदेश से जो श्रद्धालु नहीं आ सके, वे त्रिवेणी के पवित्र जल की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में गंगाजल की पहली खेप प्रयागराज से जर्मनी भेजी गई है।
श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के माध्यम से यह जल विदेश भेजा गया है। महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रदेश सरकार ने महाकुंभ समापन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में संगम के जल को महाप्रसाद रूप में पहुंचाने का निर्णय लिया था।
सभी 75 जिलों में गंगा जल पहुंचाया गया। अब देश के बाहर भी संगम से गंगा जल भेजने की मांग आई है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण के उपायुक्त राजीव कुमार सिंह ने बताया कि नारी शक्ति महिला प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति की तरफ से गंगा जल की आपूर्ति की जा रही है। कांच की 1000 बोतलों में गंगा जल यहां से जर्मनी भेजा गया है। यह 250 मिली लीटर की बोतल में था।
नागपुर से भी मिला 50 हजार बोतल गंगाजल का आर्डर
समिति की ओर से नागपुर के शिव शंभू ग्रुप सोसायटी को भी 50 हजार बोतल गंगा जल भेजा गया है। आधा लीटर की बोतल में यह गंगा जल भेजा गया है।
असम से टैंकर लेकर जल लेने संगम पहुंचे
कुछ दिन पहले असम से निजी टैंकर लेकर परम शिवम शिव मंदिर योगाश्रम, गुवाहाटी के संत राजा रामदास भी त्रिवेणी संगम पहुंचे थे। चीफ फायर आफिसर प्रमोद शर्मा ने बताया कि राजा रामदास ने टैंकर में गंगा जल भरवाने में सहयोग मांगा। इस पर अग्नि शमन विभाग ने उनके टैंकरों में जल भरकर यहां से असम के लिए रवाना कर दिया था। इससे पहले विभाग ने यूपी के सभी जिलों में भी टैंकरों से त्रिवेणी का जल लोगों में वितरित करने के लिए भेजा था।