सांसद सुब्बा रेड्डी ने राज्यसभा में वक्फ विधेयक का कड़ा विरोध किया

MP Subba Reddy strongly opposed the Wakf Bill in Rajya Sabha
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
नई दिल्ली : MP Subba Reddy strongly opposed the Wakf Bill in Rajya Sabha: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने राज्यसभा में बहस के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह भारत में मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता को खतरे में डालता है।
बहस के दौरान बोलते हुए सुब्बा रेड्डी ने कहा कि यह विधेयक संविधान और संसद में मुस्लिम नागरिकों की आस्था को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमात-ए-इस्लामी हिंद समेत कई प्रतिष्ठित मुस्लिम संगठनों ने विधेयक को लेकर वास्तविक चिंताएं जताई थीं, लेकिन उनकी आवाज को नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13, 14, 25 और 26 के खिलाफ है, जो समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन के अधिकारों की रक्षा करते हैं। उन्होंने वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने के प्रस्ताव की भी आलोचना की और इसे असंवैधानिक और अनावश्यक बताया।
सुब्बा रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में 50 लाख से ज़्यादा मुसलमान रहते हैं और सरकार उनके हितों की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक वक्फ बोर्ड के वित्तीय ढांचे को कमज़ोर करेगा और दान और संपत्ति समर्पण पर अनुचित प्रतिबंध लगाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ अधिनियम के नाम परिवर्तन ने "वक्फ" शब्द के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को नज़रअंदाज़ कर दिया है, जो दान, आस्था और सामुदायिक सेवा का प्रतिनिधित्व करता है। सांसद सुब्बा रेड्डी ने संसद से लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों के लिए खड़े होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सिर्फ़ संपत्ति के बारे में नहीं है, बल्कि भारत में एक बड़े समुदाय की आस्था और अधिकारों की रक्षा के बारे में है।