चैरिटी मंथ के रूप में मनाया छात्रों ने सेवा भावना दिखा कर

Students celebrated as Charity Month
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
नई दिल्ली :: आंध्र विभाजन होने के बाद राज्य में लगातार प्राकृतिक अपाकृतिक रूप से लॉकडाउन करुणा का 2 वर्ष का मार ठीक उसी के समय नई सरकार राज्य में बन्ना आर्थिक परेशानियों को झेलना तथा राजधानी मुख्यालय स्थाई रूप से बनाने में इसके पहले की सरकार असफल होना कई चीजें लोगों को अभी परेशानी बनी हुई है इसके अलावा कृष्णा नदी के तटीय कृषि भूमि को राजधानी घोषित करने की एक षड्यंत्र के रचने के वजह से कई किसान अपनी फसल पिछले कई वर्षों से वह नहीं पा रहे हैं ना उस में हलचल आप आ रहे हैं ऐसे हजारों एकड़ भूमि तेलुगू देशम सरकार द्वारा लगाई गई प्रतिबंधों के बंधन में बंध चुके हैं और आर्थिक तंगी या जेल से जा रहे हैं ना उनको कोई रिहायशी इलाका दिया गया ना उन्हें कोई मार्गदर्शन आज तक नहीं मिला फनी सरकार वर्तमान सरकार आर्थिक सहयोग राशन दाल चावल देने के बाद भी प्राकृतिक रूप से पिछले दिनों बाढ़ से प्रभावित होना और झोपड़ियों में आग लगना जैसी घटनाओं से इस शहर के छात्रों को एक नई सोच दीया जो निम्नानुसार है जो मानवता के आधार पर प्रशंसा करना बहुत जरूरी है
यहाँ विजयवाड़ा शहर आंध्र प्रदेश व्यापारिक केंद्र और राजधानी से लगे विद्यालय के छात्रों ने एक ऐसा मार्ग ढूंढा सभी लोगों को अचंबा कर दिया एक मुट्ठी चावल 1 दिन का पॉकेट मनी दुनिया को सीख दिखा कर रहेगा कहा बुद्धिमानोने ।
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अक्टूबर का में निर्मला हाई स्कूल, विजयवाड़ा में "चैरिटी मंथ" के रूप में मनाया जाता है। इस संबंध में छात्रों को एक दिन में मुट्ठी भर चावल बचाने की योजना अमल किया गया।
और इसी तरह 26 अक्टूबर, 2022 को छात्र अपनी पॉकेट मनी और चावल को स्कूल लाए गया । इस दान में सभी धर्म के माता-पिता ने भाग लिया बढ़-चढ़कर सहयोग किया माता-पिता और छात्रों ने उदारता से योगदान दिखाया और एकत्र किए गए चावल का वजन 2,500 किलोग्राम से अधिक था लगभग 25 बोरा चावल (एक-एक क्विंटल के भरे )
और 27 अक्टूबर, 2022 को हमारे कुछ छात्रों ने कर्मचारियों के साथ उस क्षेत्र का दौरा किया जो पाकीरगुडेम, विजावाड़ा से लगा हुआ ग्रामीण इलाका में आग दुर्घटना से प्रभावित हुआ था। लगभग 17 से अधिक परिवार ऐसे थे जो आग-दुर्घटना के कारण बिना किसी भी तरह के सामान कपड़े उठाने के लिए राशन पानी तक नहीं था।
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निर्मला विद्यालय के छात्रों द्वारा एकत्रित की गई पैसे और चावल छात्रों ने प्रत्येक परिवार को 25 किलो चावल की बोरी बनाकर और दाल चीनी शक्कर जैसे किराना सामान गेहूं-आटा भी वितरित किया।
31 अक्टूबर, 2022 को छात्र इसे एक अन्य स्लम क्षेत्र में वितरित करेंगे जहां लगभग 150 परिवार हैं जिनका वे आकलन करके अपने सूचीबद्ध बनाया है यहां भी जाकर उन गरीबों को बाटेंगे और बांटते समय जाति धर्म भेद भावना को भूलकर सेवा देंगे इस महान कार्य के लिए गांव के सभी धर्म के लोग इन्हीं प्रशंसा कर रहे हैं और बड़ी कामयाबी मानवता दया पात्र होने का लोग इन्हें प्रशंसा कर रहे हैं सीखा में इनसे सीखनी चाहिए महानगरों में गरीबों को नोच नोच कर खाने के लिए योजनाएं बनाते हैं और उन्हें धरातल में गरीबी सिर में ही छोड़ देते हैं वहां भी अगर ऐसा करें तो बहुत फायदा देश का होगा और लोगों का होगा सेवा में कभी भी किसी जाति धर्म का भेदभाव नहीं रखना चाहिए यह विश्व का धर्म है प्रकृति का करम है कहा वेद ज्ञानी शंकराचार्य जी ने भी यही कहा तभी लोगों में एकता और एकता से देश की मजबूती देश की अखंडता बनी रहेगी यह सारे लोग यही बताते हैं और हमें आज इन बच्चों से सीखने की नौबत आ रही कहा नगर के मेयर भाग्यलक्ष्मी ने।