पुलिस ने एनडीपीएस के अलग अलग मामलो में इंटरनेशनल गैंग का किया पर्दाफाश, आरोपी विदेशी महिला समेत 4 काबू

International Gang Involved in different NDPS Cases
ऑपरेशन सैल के इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की टीम को फिर बड़ी कामयाबी।
पकड़े गएl आरोपियो के कब्जे से बरामद।
297.40 ग्राम हेरोइन एक देसी पिस्टल, 5200 रुपए ड्रग मनी, एक स्विफ्ट कार और एक ड्रग वजन मशीन जो अपराध में शामिल करते थे।
रंजीत शम्मी चंडीगढ़। International Gang Involved in different NDPS Cases: यूटी पुलिस का अहम विभाग माने जाने वाले और ऑपरेशन सैल के इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की टीम को फिर एक बार बड़ी सफलता हासिल करते हुए एनडीपीएस के अलग अलग मामलो में इंटरनेशनल गैंग का पर्दाफाश कर एक विदेशी आरोपी महिला समेत 4 आरोपी ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है।
आईएसआई पाकिस्तान से जुड़े एक गिरोह ने बीकानेर में भारतीय सेना के बारे में गुप्त जानकारी साझा की और पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से ड्रग्स (हवाला चैनल) भेजे। चंडीगढ़ और ट्राईसिटी क्षेत्र में सक्रिय दो अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करके बड़ी सफलता हासिल की। पकड़े गए आरोपियो की पहचान एक विदेशी महिला,पंजाब के जिला तरणतारण के रहने वाले 23 वर्षीय रेडीमेड स्कूल यूनिफॉर्म का सेल्समैन का काम करने वाले आकाशदीप, कृषि का काम करने वाले 32 वर्षीय शमशेर सिंह उर्फ शेरा जिसके खिलाफ थाना-भिखीविंड दो अलग अलग मामले भी दर्ज पाए गए।35 वर्षीय गुरलाल सिंह उर्फ लाला जिसके खिलाफ भी अलग अलग मामले दर्ज पाए गए। पकड़ा गया आरोपी 25 मार्च को धारा धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम,पीएस-17, चंडीगढ़ के तहत गिरफ्तारी के बाद से गोविंदवाल जेल में बंद था।जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों के दिशा निर्देशों के चलते ऑपरेशन सैल के इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की टीम द्वारा बीते दिन सैक्टर 17 के पास एक नाका लगाया गया था। पुलिस की टीम ने शक के आधार पर एक विदेशी महिला को हिरासत में लिया।जो की विदेशी नागरिक है। और वर्तमान में उत्तम नगर नई दिल्ली में रहती है।पुलिस द्वारा उसके कब्जे से 100 कोकीन क्रैक बॉल बरामद की। जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए बताई गई है।पुलिस ने तुंरत मामले में कारवाई करते हुए आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस जांच के दौरान उसने खुलासा किया कि वह एक ड्रग सप्लायर है।और चंडीगढ़ और पंजाब के क्षेत्र में सक्रिय ड्रग पेडलर्स को ड्रग्स की आपूर्ति करती है। 2018 में उसे पंजाब पुलिस द्वारा 550 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था।जो एक वाणिज्यिक मात्रा है।इस संबंध में पुलिस स्टेशन मकसूदां जिला जालंधर (पंजाब) में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 29-61-85 के तहत एफआईआर संख्या 129, दिनांक 08 अगस्त 2018 को मामला दर्ज किया गया है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसे 10 वर्ष की कठोर कारावास तथा एक लाख रुपए जुर्माना भरने की सजा सुनाई।वह सेंट्रल जेल कपूरथला में कारावास में रही तथा अब जमानत पर थी। जमानत के बाद वह फिर से नशीले पदार्थ तस्करी में संलिप्त हो गई।अब उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।आगे की जांच जारी है।
ऑपरेशन सेल को गुप्त सूचना मिली कि चंडीगढ़ में दो अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह सक्रिय हैं। वे चंडीगढ़ में ड्रग सप्लाई कर रहे हैं। एक ड्रग पेडलिंग गिरोह गोविंदवाल, जेल (पंजाब) से काम कर रहा था और दूसरा दिल्ली से काम कर रहा था। पुलिस की टीम ने 24 मार्च को सैक्टर 43 के पास नाका लगाया था। आरोपी आकाशदीप को पकड़ा था। जिसके कब्जे से 297.40 ग्राम हेरोइन बरामद की।जांच के दौरान, उसने खुलासा किया कि वह अपने सहयोगी शमशेर सिंह उर्फ शेरा के साथ ड्रग तस्करी में शामिल है। वह शमशेर सिंह उर्फ शेरा के साथ मिलकर पंजाब और चंडीगढ़ के इलाके में हेरोइन की आपूर्ति कर रहा था। इस सूचना पर, ऑपरेशन सेल की टीम ने आरोपी आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश के साथ ड्रग तस्कर सहयोगी की चेन तोड़ने के लिए 26 मार्च 2025 को इंस्पेक्टर रणजीत सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन सेल की टीम में शामिल एसआई अवतार सिंह, एएसआई जयमल सिंह, एएसआई सुरजीत सिंह, एएसआई अत्तर सिंह, सीनियर कांस्टेबल वीरेंद्र, कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल जोगिंदर, सीनियर कांस्टेबल सुमित, कांस्टेबल संदीप और एल/सी नीतू के साथ गांव अलगोन कोठी और गांव भगवानपुरा, जिला- तरनतारन (पंजाब) में छापा मारा।उक्त गांव पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित है। पुलिस पार्टी ने आरोपी शमशेर सिंह उर्फ शेरा के घर की घेराबंदी की जो गांव भगवानपुरा के खेतों में स्थित है। पुलिस पार्टी को देखकर आरोपी शमशेर सिंह उर्फ शेरा अपने घर के गुप्त दरवाजे से भाग गया।ऑपरेशन सेल की टीम ने उसका पीछा किया।लेकिन वह खेतों में छिपने में सफल रहा। ऑपरेशन सेल की टीम ने आरोपी की तलाश के लिए अपने प्रयास किए। आधी रात को अंतहीन कीचड़ भरे गेहूं घास के खेत से आरोपी को ढूंढना बहुत मुश्किल था। लेकिन खेत क्षेत्र की लंबी खोज के बाद टीम 27 मार्च 2025 को आरोपी शमशेर सिंह उर्फ शेरा को पकड़ने में सफल रही। उसके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। आगे की जांच के दौरान शमशेर सिंह उर्फ शेरा ने खुलासा किया कि वह अपने चचेरे भाई गुरलाल उर्फ लाला के साथ जुड़ा हुआ है। जो वर्तमान में नशीला पदार्थ मामले में गोविंदवाल जेल में बंद है। वह लगातार आरोपियों के संपर्क में है। आरोपियों की तलाश में राजस्थान पुलिस भी लगी हुई थी।