लोकसभा में पेश हुआ वक्फ संशोधन बिल; मंत्री किरण रिजिजू का बड़ा बयान, कहा- बिल नहीं लाते तो संसद पर भी वक्फ क्लेम कर रहा था

Waqf Amendment Bill Introduced in Lok Sabha BJP vs Congress

Waqf Amendment Bill Introduced in Lok Sabha BJP vs Congress

Waqf Amendment Bill: लोकसभा में आज वक्फ संशोधन बिल पेश कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल को सदन में चर्चा और पास होने के लिए रखा। इससे पहले वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में NDA एकजुट नजर आया। TDP-JDU समेत NDA के सभी सहयोगी दलों ने अपने-अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में उपस्थित रहने और बिल का समर्थन करने के लिए व्हिप जारी किया था। जबकि कांग्रेस-सपा समेत अन्य विपक्षी दल सरकार के इस वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं।

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, "मैं यह कहना चाहता हूं कि दोनों सदनों की संयुक्त समिति (JPC) में वक्फ संशोधन विधेयक पर जो चर्चा हुई है, उतनी व्यापक चर्चा भारत के संसदीय इतिहास में आज तक कभी नहीं हुई और न ही किसी बिल के लिए इतना समय दिया गया। मैं संयुक्त समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद और बधाई देता हूं और उनका अभिनंदन करना चाहता हूं।''

बिल पर 97 लाख से ज्यादा याचिकाएं आईं

किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि, वक्फ संशोधन बिल को लेकर 97 लाख से ज्यादा याचिकाएं अलग-अलग रूप में आईं। इन याचिकाओं को सरकार ने देखा है। किसी भी बिल के लिए इससे ज्यादा याचिकाएं आज तक इतिहास में कभी नहीं आईं। रिजिजू ने बताया कि, बिल पर अलग-अलग समुदाय के 284 डेलीगेशन ने अपने सुझाव दिए। साथ ही 25 राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों ने भी अपनी बातें रखी हैं। वहीं समाज के हर वर्ग और विद्वान लोगों से सुझाव लिए गए। किसी ने उस समय इसे असंवैधानिक नहीं कहा।

विरोध करने वालों का भी हृदय परिवर्तन होगा

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आगे कहा, "मैं वक्फ संशोधन बिल को लेकर आज जो बातें सदन में रखूंगा। इसके बाद मुझे न केवल उम्मीद है, बल्कि मुझे पूरा यकीन है कि इस विधेयक का विरोध करने वालों के दिलों में भी बदलाव आएगा। उनका भी हृदय परिवर्तन होगा। हर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इस विधेयक का समर्थन करेगा। मैं खुले दिल से इस बिल को पेश कर रहा हूं। बता दें कि, बिल पेश करने के साथ किरेन रिजिजू ने एक शायरी भी पढ़ी।

किरण रिजिजू ने कहा कि, 2013 में, 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले UPA की सरकार में कुछ ऐसे कदम उठाए गए थे जो हमारे मन में सवाल खड़े करेंगे। UPA की सरकार ने 2013 में चुनाव के नजदीक वक्फ प्रावधानों में बदलाव किया। कांग्रेस ने बोर्ड को खास बनाया, प्रावधान किया कि शिया बोर्ड में सिर्फ़ शिया ही शामिल होंगे, सुन्नी बोर्ड में सिर्फ सुन्नी ही शामिल होंगे। इसके अलावा वक्फ बोर्ड में और कोई भारतीय तो आ ही नहीं सकता है।

वहीं किरण रिजिजू ने कहा कि, वक्फ के प्रावधान में उस समय एक धारा (108) जोड़ी गई कि वक्फ का प्रभाव देश के हर दूसरे कानून पर हावी होगा। यह धारा भला कैसे स्वीकार्य हो सकती है? हर कानून का अपना-अपना महत्व है। कोई भी कानून दूसरे कानून पर कैसे हावी हो सकता है। यह कैसे किया गया। यह अजब लगता है।

संसद की जमीन पर वक्फ का क्लेम

वहीं किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि, दिल्ली के अंदर कई संपत्तियों को वक्फ बोर्ड ने क्लेम किया है। जिसमें CGO कॉम्प्लेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्ति बताया। मामला कोर्ट पहुंचा। लेकिन उस समय UPA सरकार ने 123 संपत्तियां गैर-अधिसूचित करके वक्फ को दे दीं। रिजिजू ने कहा कि, अगर आज हम यह वक्फ संशोधन बिल लेकर नहीं आते, तो हम जिस संसद भवन में बैठे हैं, इस पर भी क्लेम किया जा रहा था। वक्फ अपनी संपत्ति होने का दावा कर रहा था।

इसके अलावा वक्फ बोर्ड ने दिल्ली एयरपोर्ट और बसंत विहार पर भी दावा किया। रिजिजू ने कहा कि, अगर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार नहीं आती और UPA की सरकार रहती तो न जाने क्या होता। अब तक तो कई संपत्तियां गैर-अधिसूचित हो चुकी होतीं और वक्फ को जा चुकी होतीं। रिजिजू ने कहा कि, बिल को लेकर विपक्ष का मन साफ नहीं है। लेकिन एक कानून संविधान से ऊपर कैसे हो सकता है। इस वक्फ बिल का जो विरोध कर रहा है देश उसे याद रखेगा।

वक्फ बिल से किसी का अधिकार नहीं छिनेगा

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि, वक्फ बिल पर गुमराह किया जा रहा है। जबकि बिल से किसी का अधिकार नहीं छिनेगा। किसी भी मस्जिद मैनेजमेंट को नहीं छेड़ा जाएगा। वक्फ संसोधन बिल किसी भी धार्मिक व्यवस्था, किसी भी धार्मिक संस्था या किसी भी धार्मिक प्रथा में किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं कर रहा है। हमारे प्रावधानों का किसी मस्जिद, मंदिर या धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल संपत्ति प्रबंधन का मामला है। अगर कोई इस बुनियादी अंतर को समझने में विफल रहता है या जानबूझकर नहीं समझना चाहता है, तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है।

वक्फ बोर्ड में 2 महिला सदस्य अनिवार्य

रिजिजू ने कहा, "अब वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, बोहरा, पिछड़े मुसलमान, महिलाएं और विशेषज्ञ गैर-मुस्लिम भी होंगे। मैं इसे विस्तार से बताना चाहता हूं। जैसे मैं अपना खुद का उदाहरण देता हूं। मान लीजिए मैं मुसलमान नहीं हूं लेकिन मैं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री हूं। अगर मैं सेंट्रल वक्फ काउंसिल का चेयरमैन बन जाता हूं तो मेरे पद के बावजूद, काउंसिल में अधिकतम 4 गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं और उनमें से 2 महिला सदस्य अनिवार्य हैं। यानि वक्फ बोर्ड में 2 महिलाओं का शामिल होना अनिवार्य किया गया है।

दुनिया में वक्फ की सबसे ज्यादा संपत्ति भारत में

किरण रिजिजू ने कहा कि, आज दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ की संपत्ति भारत में है। आज हमारे देश में कुल वक्फ संपत्ति 4.9 लाख से बढ़कर 8.72 लाख हो गई है। हमने अपने WAMSI पोर्टल पर रिकॉर्ड की समीक्षा की है। 2006 में गठित सच्चर कमेटी ने भी इस मामले पर विस्तृत जानकारी दी है। 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं और उनसे कुल आय 163 करोड़ रुपये थी और 2013 में वक्फ में बदलाव करने के बाद आय 166 करोड़ रुपये हो गई।

रिजिजू ने कहा, "वक्फ कानून में कुछ विसंगतियां थीं, इसलिए इसमें संशोधन करना आवश्यक था। हमने पहले भी कहा था कि कोई भी भारतीय वक्फ बना सकता है, लेकिन अब यह सुनिश्चित हो गया है कि केवल वही व्यक्ति वक्फ बना सकता है जिसने कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन किया हो।

वहीं किरण रिजिजू ने कहा कि, वक्फ की जमीन कोई निजी संपत्ति नहीं होती है। वक्फ की आमदनी से गरीब मुसलमानों को लाभ हो सकता था। दुनिया की सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति का इस्तेमाल गरीब मुसलमानों की शिक्षा, चिकित्सा, कौशल विकास और आय सृजन के लिए क्यों नहीं किया गया? इस संबंध में अब तक कोई प्रगति क्यों नहीं हुई? अगर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सरकार गरीब मुसलमानों की बेहतरी के लिए काम कर रही है, तो इसमें आपत्ति क्यों है?..."

किरण रिजिजू ने कहा कि, वक्फ अगर सही ढंग से कम करता तो सभी की तकदीर बदलती। लेकिन गरीब मुसलमानों के लिए इसका उपयोग ही नहीं किया गया। अब अगर इन 8.72 लाख वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से प्रबंधन किया जा रहा है, तो इससे न केवल मुसलमानों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि पूरे देश की तकदीर भी बदल जाएगी। इस बिल से वक्फ की जमीन से राजस्व बढ़ेगा और राजस्व बढ़ेगा तो सभी को फायदा होगा।

वहीं लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "इस बिल को संयुक्त संसदीय समिति को दिया गया। हमारे पास कांग्रेस जैसी समिति नहीं है। हमारे पास लोकतांत्रिक समिति है, जो विचार-मंथन करती है। कांग्रेस के जमाने में समिति होती थी जो थप्पा लगाती थी। हमारी समिति चर्चा करती है, चर्चा के आधार पर विचार-विमर्श करती है और बदलाव करती है।