हिमाचल प्रदेश : चिंतपूर्णी मंदिर में एलईडी स्क्रीन पर माता की पिंडी की जगह मरियम का चला वीडियो, श्रद्धालुओं में आक्रोश

Video of Maryam played on LED screen in Chintapurni temple instead of Mata's Pindi

Video of Maryam played on LED screen in Chintapurni temple instead of Mata's Pindi

Video of Maryam played on LED screen in Chintapurni temple instead of Mata's Pindi- ऊना। माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के समीप श्रद्धालुओं को माता के ऑनलाइन दर्शन करवाने के लिए लगाई गई बड़ी एलईडी स्क्रीन पर बुधवार देर रात एक अप्रत्याशित घटना घटी। माता श्री छिन्नमस्तिका की पावन पिंडी का प्रसारण दिखाने की बजाय स्क्रीन पर अचानक ईसा मसीह की मां मरियम का वीडियो प्ले हो गया। इस घटना ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों को हैरान कर दिया। 

माता की पावन पिंडी की जगह किसी अन्य धार्मिक वीडियो को देखकर बाजार में दर्शन के लिए पहुंचे लोग स्तब्ध रह गए। कई लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल फोन निकालकर इस घटना को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इस घटना के खिलाफ विरोध भी दर्ज कराया।

मंदिर में स्क्रीन का संचालन करने वाले कर्मचारियों को जब तक स्थिति समझ में आई, तब तक मामला जिला प्रशासन तक पहुंच चुका था। ऊना के उपायुक्त (डीसी) जतिन लाल ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं।

डीसी ने कहा, "हमें पता चला कि चिंतपूर्णी मंदिर में लाइव प्रसारण के लिए लगाई गई स्क्रीन पर गलती से किसी अन्य धर्म से संबंधित वीडियो या वॉलपेपर चल गया था। इसके कारणों की जांच के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।"

जानकारी के मुताबिक, माता के ऑनलाइन दर्शन के लिए लगाई गई यह एलईडी स्क्रीन केवल पिंडी के श्रृंगार के दौरान बंद की जाती है। बुधवार रात भी श्रृंगार के समय स्क्रीन को बंद किया गया था, लेकिन इसी दौरान मरियम का वीडियो प्रसारित हो गया। इस घटना से श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने मंदिर प्रशासन से जवाब मांगा।

डीसी जतिन लाल ने कहा, "तकनीकी टीम को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। इस घटना के पीछे की वजह जो भी हो, उसे जल्द से जल्द उजागर किया जाएगा और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई होगी।"

यह घटना चर्चा का विषय बन गई है और स्थानीय लोग इसे मंदिर की पवित्रता से खिलवाड़ मान रहे हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के आक्रोश को शांत करने के लिए त्वरित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।