हरियाणा की डायरी

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Haryana Diary

Haryana Diary

प्रस्तुति: चन्द्र शेखर धरणी
            वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार

गजब की मेजबानी हरविंद्र कल्याण की

Haryana Diary: बजट सत्र के दौरान स्पीकर हरविंदर कल्याण द्वारा दिए गए रात्रि भोज के अवसर पर बेहतरीन मेजबानी देखने को मिले।प्रत्येक आमंत्रित मेहमान के पास स्वयं जा खाने के लिए पूछ एक मेजबान की भूमिका में नजर आए।इस अवसर पर हरियाणा व पंजाब के राज्यपाल, हरियाणा के सी एम,मंत्री, अधिकारी वर्ग,पत्रकार तो उपस्थित थे ही।पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो राम बिलास शर्मा जैसे कई चेहरे भी मौजूद थे।प्रवेश द्वार पर आने वालों का स्वागत जहां पूरा कल्याण परिवार करता नजर आया वहीं मेहमानों के साथ रात्रि भोज में भी पूरा परिवार खुद भी मौजूद रहा।

पहली अग्नि परीक्षा में सैनी व कल्याण की बनी धाक 

     हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र दो मुस्कराते चेहरों के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं थे।एक तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व दूसरे स्पीकर हरविंद्र कल्याण।दोनों का अपने महत्वपूर्ण पदों पर यह पहला सत्र था जिसमें वह केंद्र बिंदु रहे।दोनों ने जहां सदन में मुस्कराते चेहरों के साथ लंबी सीटिंग दी वहीं बेखूबी अपने दायित्व का निर्वाह किया।दोनों की धाक बनी।हाजिर जवाबी में भी सी एम नायब सैनी ने विपक्ष के हर कटाक्ष पर जहां खुद मोर्चा संभाला वहीं स्पीकर कल्याण ने भी तटस्थ रह सत्ता हो या विपक्ष सब को मर्यादा व सदन की गरिमा का पाठ याद करवाया।सैनी ने राज्यपाल के अभिभाषण व बजट की सहमति पर अपनी वाक शैली की निपुणता दिखाई।वहीं स्पीकर कल्याण ने भी सदी भाषा शैली से सब को प्रभावित किया।

    जब हुड्डा ने दोनों कानों में उंगलियां दी

बजट सत्र के दौरान हरियाणा सरकार में केबिनेट मंत्री अनिल विज व कांग्रेस के बड़े नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा में आपसी नोंक झोंक, शेरो शायरी खूब चली।वहीं एक मौका ऐसा भी देखने को मिला जब हुड्डा ने अपने दोनों कान बंद करने के लिए कानों में उंगलियां दे दी।विज व हुड्डा पुराने राजनीतिज्ञ व मित्र हैं।इन दोनों में चली शायरी का आनंद सब ने उठाया व इनकी शायरी सोशल मीडिया पर वायरल भी खूब रही। राजनैतिक कटाक्ष भी दोनों में खूब चले।

बजट सत्र नहीं विकास सत्र

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट सरकार के खर्चों का लेखा—जोखा नहीं, बल्कि ये सरकार की नीति, नीयत और विज़न का दस्तावेज होता है। उन्होंने हरियाणा की जनता को विश्वास दिलाया कि बजट में की गई घोषणाओं को तीन गुणा रफ्तार से धरातल पर उतारने का काम किया जाएगा।  जिस प्रकार सभी सदस्यों ने इस बजट सत्र में अपने विचारों, आकलन और सकारात्मक सुझावों से सत्र को सफल बनाया है, उसी प्रकार बजट में की गई घोषणाओं को हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोगों तक पहुंचाने के लिए भी सहयोग दें। हम सभी पक्ष—विपक्ष बनकर नहीं, बल्कि साथ मिलकर हरियाणा के विकास में भागीदार बनें।यह बजट सत्र केवल बजट सत्र नहीं, बल्कि हरियाणा के विकास का सत्र है। इस बार का बजट सत्र हरियाणा के इतिहास में सबसे लंबा बजट सत्र रहा है, जिसमें सभी सदस्यों ने बजट पर सकारात्क चर्चा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के सपने में हरियाणा का स्थान और योगदान अग्रणी रहेगा। 

हरियाणा को मिला राज्य गीत  

हरियाणा को आधिकारिक रूप से अपना राज्य गीत मिल गया है। हरियाणा राज्य गीत चयन समिति के चेयरपर्सन लक्ष्मण सिंह यादव ने शुक्रवार को सदन में समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे सदन ने सर्वसम्मति जताते हुए ध्वनिमत से स्वीकृत कर लिया। इस मौके पर सदन में ‘जय-जय-जय हरियाणा’ गीत को सुनाया भी गया, जिसकी सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष ने भी जमकर सराहना की। गीत स्वीकृत होने के मौके पर विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सभी प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए इसके गायन के मापदंड तय करने के लिए विधान सभा की कमेटी बनाने की भी घोषणा की।समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय समिति के चेयरपर्सन लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि समिति को प्राप्त सभी गीतों पर गहन विचार विमर्श करने के बाद इस गीत का चयन किया है। समिति ने गीत की विषय वस्तु को हरियाणा के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, भौगोलिक संरचना और प्रदेश की विकास यात्रा के संदर्भ में परखने का प्रयास किया। इस दौरान गीत को अर्थ, भाव और लय इत्यादि संगीत की कसौटियों पर परखा गया। गीत से बनने वाले सुखद वातावरण व प्रदेश तथा प्रदेश से बाहर इसकी उपयोगिता का आंकलन किया गया। समिति ने इस बात का विशेष ख्याल रखा है कि गीत हरियाणवी बोली के गायकों के लिए भी सहज रहे, वहीं यह गीत राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी प्रभावी हो। 

कल्याण के मुरीद विपक्षी भी

विधानसभा सत्र में चली कार्यवाही में विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण की कार्यप्रणाली के मुरीद जहां कांग्रेस के दिग्गज अशोक अरोड़ा नजर आएं वहीं इनेलो के विधायक अर्जुन चौटाला भी नजर आए।शालीनता,अनुशासन व धैर्य से सदन चलाने वाले हरविंदर कल्याण का सत्ता पक्ष तो मुरीद है ही,अब विपक्ष भी उनका फैन है।बतौर स्पीकर कल्याण के लिए यह पहला बड़ा सत्र था।जिसमें उन्होंने अपनी क्षमताओं की बदौलत बेखूबी संचालन किया।अपनी निष्पक्षता के चलते उन्होंने विपक्षी विधायकों के साथ सत्ता पक्ष के विधायकों को भी जरूरत पड़ने पर बोलने के मुद्दे पर संयम रखते हुए मर्यादा में रहते हुए बोलने की बात कही।

कृष्ण बेदी का पलटवार 

केबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि पिछले 11 साल से सरकार का हिस्सा हूं चाहे मंत्री के रूप में रहा या मुख्यमंत्री के पॉलीटिकल एडवाइजर के रूप में रहा, हर बार कांग्रेस ने बजट को कर्ज बढ़ाने वाला बताया। उनके यही शब्द रहे। उनकी यह बातें हम जरूर सुनते हैं लेकिन जनता उनकी नहीं सुनती। जनता उनकी किसी बात पर विश्वास नहीं करती। उनका खुद का कॉन्फिडेंस लूज हो चुका है। कांग्रेस और विपक्ष इस वक्त टेंशन में है जो कि पॉजिटिव नहीं सोच सकते उनकी नियत अनुसार उन्हें बरकत भी मिल रही है। वह पॉजिटिव नहीं सोच रहे तो जनता भी उनके बारे में पॉजिटिव नहीं सोच रही। जनता ने पूरे विपक्ष को धरातल पर उतार दिया है। उनके पास केवल निंदा चुगली और आरोप लगाने के अलावा कुछ नहीं बचा। हमारे मुख्यमंत्री या कोई मंत्री उन्हें जवाब देता है तो वह मैदान छोड़कर भाग जाते हैं। पिछले ढाई महीने से शोर मचा रखा था कि अनिल विज कुछ बोलते नहीं जब अनिल विज जी एक बार बोल यह खड़े होकर भाग गए। इनके पास कहने के लिए तो कुछ नहीं लेकिन सुनने की शक्ति भी नहीं है। सच तो यह है कि लोगों को विश्वास ही नहीं रहा कि विपक्ष हमारे मुद्दे उठा लेगा। 

हरियाणा में नहीं होगी शवों की बेकद्री

     हरियाणा में शवों के साथ प्रदर्शन और पार्थिव शरीर की बेकद्री रोकने के लिए बुधवार को विधानसभा में फिर से हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक पारित कर दिया गया। हरियाणा सरकार ने तीन नए आपराधिक कानूनों के साथ इस विधेयक को दूसरी बार तैयार करके सदन में पेश किया। अब यह बिल राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के माध्यम से मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की हरी झंडी मिलते ही नया कानून लागू हो जाएगा।बुधवार को सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बिल को सदन पटल पर रखा। नए कानून के तहत शव के साथ सडक़ों पर प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। अगर परिजन या रिश्तेदार शव को स्वीकार नहीं करते हैं तो संबंधित क्षेत्र के थानेदार अंतिम संस्कार कराएंगे। अगर कोई व्यक्ति या समूह शव के साथ प्रदर्शन करता है तो उसे छह महीने से लेकर तीन साल तक कैद और एक लाख रुपये जुर्माना किया जाएगा।

पार्किंग पर विवाद

हरियाणा के करीब आधा दर्जन कांग्रेसी विधायक चंडीगढ़ पुलिस के साथ भिड़ गए। नो पाॢकंग जोन में गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ विवाद काफी गहरा गया। वीआईपी जोन में हुए हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत किया।

यह पूरा विवाद बुधवार की रात का है जिसका शुक्रवार को वीडियो वायरल हुआ है। विधायक शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी में डिनर के लिए जा रहे थे। जब वे दो गाडिय़ों में वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।पुलिस ने कहा कि अंदर पार्किंग फुल है। वह गाड़ी बाहर खड़ी करें और पैदल अंदर जाएं। इस बात को लेकर दोनों तरफ से बहस हो गई। विधायकों ने कहा कि हम विधायक हैं, हमारी गाडिय़ों को आगे जाने दो। इस पर पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया कि विधायक हो तो धमकाओगे क्या, यहां पावर मत दिखाना। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने निधायकों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ा दिया। इस बहस के बीच एक पुलिसवाले ने एक विधायक को पीछे की तरफ धकेल दिया।

मनो का ओडिशा दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास विजन को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने ओडिशा में नया पावर प्लांट स्थापित करने और केंद्रीय परियोजनाओें के कार्यान्वयन को सराहाते राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई। मनोहर लाल ने उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भुवनेश्वर में प्रदेश के विद्युत एवं शहरी मामलों की योजनाओं की समीक्षा की। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की। समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्य में विद्युत और शहरी मामलों के क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया। साथ ही, केंद्रीय मंत्री मंत्री ने शहरी और विद्युत क्षेत्रों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।  ओडिशा में प्रचुर मात्रा में कोयला भंडारण है, राज्य में नए पावर प्लांट स्थापित करने की आपार संभावनाएं हैं। निजी निवेशकों और राज्यों के लिए पिटहेड पर संयंत्र स्थापित करने का सुनहरा मौका है। इससे राज्य के राजस्व में महत्वूपर्ण वृद्धि होने की संभावना है।

रिश्तों में मिठास

हरियाणा व पंजाब के बीच एसवाईएल, हिंदी भाषी क्षेत्र व राजधानी समेत कई मुद्दों पर दशकों से खींचतान चली आ रही है। इन मुद्दों पर दोनों ही राज्यो के राजनीतिक दल आपस मे टकराते रहे हैं। हरियाणा की ओर से खींचतान भरे रिश्तों में मंगलवार को मिठास घोलने की एक पहल की गई। 

यह पहलभी हरियाणा की तरफ से हुई है। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंजाब विधानसभा के चल रहे बजट सत्र की कार्यवाही देखने के लिए पहुंचे।
अहम बात यह है कि स्पीकर व मुख्यमंत्री के पंजाब विधानसभा जाने की पहले से कोई सूचना पंजाब विधानसभा सचिवालय को नही थी। दोनो अचानक से पंजाब विधानसभा पहुंचे। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने हरियाणा के दोनों वरिष्ठ नेताओं का स्वागत किया।दोनों के सदन पहुंचने पर पंजाब के सीएम भगवंत मान सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री व स्पीकर का मेज थपथपा कर स्वागत किया। सीएम नायब सैनी ओर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने करीब 20 मिनट तक सदन की कार्यवाही देखी। इसके बाद वह करीब आधा घंटा स्पीकर चैंबर में गए। इस दौरान स्पीकर संधवां के अलावा पंजाब के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे। इस दौरान पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी मौजूद रहे।इस दौरान पंजाब के नेताओं ने जहां हरियाणा के दोनो नेताओं का स्वागत किया वहीं हरियाणा व पंजाब के सांस्कृतिक मामलों पर भी चर्चा हुई।