ED ने 'एम्पुरान' प्रोड्यूसर गोकुलम गोपालन के ठिकानों से जब्त किए 1.5 करोड़ रुपये

ED ने 'एम्पुरान' प्रोड्यूसर गोकुलम गोपालन के ठिकानों से जब्त किए 1.5 करोड़ रुपये

Gokulam Gopalan Premises ED Raid

Gokulam Gopalan Premises ED Raid

नई दिल्ली। Gokulam Gopalan Premises ED Raid: मोहनलाल स्टारर फिल्म एल 2: एम्पुरान कमाई के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। इस मलयालम फिल्म ने बॉलीवुड मूवीज के कलेक्शन को टक्कर देने का भी काम किया है। इन दिनों फिल्म की सफलता के अलावा, इसके मेकर्स चर्चा में बने हुए हैं। शुक्रवार को ईडी ने मेकर्स की प्रॉपर्टी पर छापेमारी शुरू की थी और शनिवार को समाप्त होने के बाद बयान जारी किया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन मामले में केरल के कारोबारी और मलयालम फिल्म एल2: एम्पुराण के सह-निर्माता गोकुलम गोपालन के स्वामित्व वाली श्री गोकुलम चिट्स एंड फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई शुक्रवार से शुरू होकर शनिवार को समाप्त हुई।

ईडी ने बरामद किए 1.5 करोड़

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने छापेमारी खत्म होने के बाद बयान जारी किया। इसमें जानकारी दी गई कि यह छापेमारी केरल के कोझिकोड और तमिलनाडु के चेन्नई स्थित एक आवासीय और दो व्यावसायिक परिसरों में की गई। तलाशी के दौरान 1.5 करोड़ रुपये नकद के साथ-साथ फेमा उल्लंघन से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए।

ईडी ने अपने बयान में इस बात की भी जानकारी दी कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि कंपनी भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों से चिटफंड के लिए सदस्यता राशि नकद में एकत्र कर रही थी, जो कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। यह संग्रहण 11 जून, 2015 के आरबीआई सर्कुलर संख्या 107 और फेमा रेगुलेशन 4(बी) का उल्लंघन माना गया।

कंपनी पर क्या है आरोप?

ईडी के अनुसार, कंपनी ने प्रवासी भारतीयों से अब तक 3,71.80 करोड़ रुपये नकद और 220.74 करोड़ रुपये चेक के माध्यम से एकत्र किए हैं। साथ ही, भारत से बाहर रहने वाले लोगों को नकद भुगतान भी किया गया, जो फेमा की धारा 3(बी) का स्पष्ट उल्लंघन है।

फिलहाल इस पूरे मामले में गोकुलम गोपालन या उनकी कंपनी की तरफ से किसी तरह का कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिल्म एल2: एम्पुराण के अन्य निर्माता एंटनी पेरुंबवूर (आशीर्वाद सिनेमा) और सुबास्करन (लाइका प्रोडक्शंस) हैं। फिल्म से जुड़े तमाम विवादों के बाद दो मिनट के सीन्स को हटाया भी जा चुका है। गौर करने की बात यह है कि किसी भी तरह के विवाद का असर फिल्म की कमाई पर नहीं पड़ रहा है, क्योंकि कलेक्शन का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।