"भाजपा का 45वां स्थापना दिवस: विकास, राष्ट्रवाद और सेवा का प्रतीक"

BJP's 45th Foundation Day

BJP's 45th Foundation Day

(कैलाश चंद जैन
प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा, चंडीगढ़ )

BJP's 45th Foundation Day: भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ विभिन्न राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक ऐसा संगठन है, जिसने न केवल राजनीतिक क्षेत्र में, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की दिशा में भी अनेक योगदान दिए हैं। भाजपा का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 6 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ एक राजनीतिक दल के जन्म का प्रतीक नहीं, बल्कि एक विचारधारा, एक दृष्टिकोण और एक राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।

 भाजपा की स्थापना का इतिहास: 
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी। इसकी जड़ें भारतीय जनसंघ में हैं, जिसकी स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। जनसंघ आपातकाल के बाद जनता पार्टी का हिस्सा बना, लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण 1980 में एक नए संगठन – भारतीय जनता पार्टी – का गठन हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, भैरोंसिंह शेखावत, सुशील कुमार मोदी जैसे दिग्गज नेताओं ने पार्टी को दिशा दी और मजबूत आधार प्रदान किया।

 विचारधारा और मूल सिद्धांत: 
भाजपा की राजनीति का आधार राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक गौरव, विकास और सामाजिक समरसता है। पार्टी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना के साथ कार्य करती है। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और अब सबका प्रयास' का नारा केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि भाजपा की नीति का आधार है।
इसके अलावा अंत्योदय का सिद्धांत – यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना – भाजपा की विचारधारा का प्रमुख भाग है।

 भाजपा का विकास और भूमिका: 
प्रारंभ में भाजपा ने राजनीतिक रूप से संघर्ष किया। लेकिन संगठन के प्रति निष्ठा, कार्यकर्ताओं की मेहनत और स्पष्ट विचारधारा के चलते भाजपा ने धीरे-धीरे लोगों के दिलों में जगह बनाई।
1996, 1998, और 1999 में केंद्र में सरकार बनी। 1999 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने भारत को आर्थिक मजबूती और परमाणु शक्ति के रूप में सशक्त बनाया।

2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला और एक नई राजनीतिक युग की शुरुआत हुई। 2019 में यह जीत और भी अधिक प्रचंड रूप में दोहराई गई।

 भाजपा सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ: 

1. धारा 370 का हटाया जाना – जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर एक राष्ट्र, एक विधान की संकल्पना को साकार किया।
2. राम मंदिर निर्माण – सदियों से चली आ रही प्रतीक्षा को न्यायिक प्रक्रिया द्वारा पूर्ण किया गया।
3. तीन तलाक पर प्रतिबंध – मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हेतु ऐतिहासिक निर्णय।
4. स्वच्छ भारत अभियान, जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, डिजिटल इंडिया – इन योजनाओं ने आम नागरिक के जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है।
5. कोरोना महामारी में कुशल प्रबंधन और दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित करना।
6. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों से भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त किया गया।
7. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA - 2019) पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई) को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान।
8. अग्निपथ योजना (2022) युवाओं को सेना में अल्पकालिक सेवा का अवसर देने के लिए रक्षा भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव।
9. आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत (2020) आर्थिक पैकेज और नीतियों के माध्यम से घरेलू उत्पादन, रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देने का निर्णय।
10. डिजिटल इंडिया और Make in India को बढ़ावा सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन पहुँच, स्टार्टअप्स, और स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहित करने वाले फैसले।
-------

 स्थापना दिवस का महत्व: 
 
भाजपा का स्थापना दिवस सिर्फ एक संगठन के जन्म की वर्षगांठ नहीं है, बल्कि यह दिन प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा, प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दोहराने का अवसर होता है। इस दिन देशभर में कार्यकर्ता सम्मेलन, संगोष्ठियाँ, सामाजिक सेवा कार्यक्रम, और झंडारोहण जैसी गतिविधियाँ होती हैं। यह दिन कार्यकर्ताओं में जोश भरने और उन्हें पार्टी के आदर्शों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनता है।

 निष्कर्ष: 
भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भाजपा ने राजनीति को केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम माना है। पार्टी की नीति, सिद्धांत और कार्यशैली ने भारत को नई दिशा दी है। आने वाले समय में भाजपा का लक्ष्य रहेगा 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को साकार करते हुए भारत को विश्वगुरु बनाए। इस स्थापना दिवस पर हम सभी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण करते हुए एक सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।