Certificates were distributed to those who completed their education and training at Nirankari Art and Music Institute

निरंकारी कला एंव संगीत संस्थान में शिक्षा हासिल कर ट्रेनिंग पूरी करने वालों को बांटे सर्टिफिकेट।

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Certificates were distributed to those who completed their education and training at Nirankari Art a

Certificates were distributed to those who completed their education and training at Nirankari Art and Music Institute-चण्डीगढ़I आज सन्त निरंकारी सत्संग भवन सैक्टर 30-ऐ चंडीगढ़ में सन्त निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा संचालित निरंकारी इंस्टिटयूट आफ म्युजिक एंड आर्ट में शिक्षा हासिल करने वाले शिक्षार्थियों को सर्टीफिकेट वितरित किए गए। इस अवसर पर जोनल इंचार्ज श्री ओ पी निरंकारी जी ने बताया कि यह संस्थान चण्डीगढ़ की प्राचीन कला केंद्र से सम्बन्धित है, यहां से किए गये तीन साल के कोर्स की मान्यता स्नातक डिग्री के समान है। इस संस्थान में कोई भी सज्जन संगीत सीखने या संगीत की डिग्री प्राप्त करने के भाव से केवल 300 रूपए प्रति माह की फीस देकर जितने समय के लिए वह चाहे संगीत सीख सकता है। इस केंद्र में संगीत के साथ साथ पेंटिंग और अन्य कला भी सिखाई जाएगी।

श्री निरंकारी जी ने आगे कहा कि आज इन्सान में इन्सान के प्रति प्यार की भावना खत्म होती जा रही है जिस कारण एक दूसरे का सत्कार भी नहीं हो रहा है। सत्कार भाव न होने से इन्सान का एक दूसरे पर विश्वास भी नहीं रहा, तभी आज आपस में नफरत के भाव पैदा हो रहे हैं। आज नफरत को प्यार में बदलने की जरूरत है और इसका समाधान केवल समय के सत्गुरू की शरण में जाकर इस प्रभु परमात्मा की जानकारी करना जरूरी है।

इस अवसर पर संयोजक चंडीगढ़ श्री नवनीत पाठक जी ने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज नौजवानों को जहां अध्यात्म की शिक्षाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे है, वहीं उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।