दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का निधन; शर्मीले छवि के थे, देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने गए तो 'भारत कुमार' नाम मिला, इंडस्ट्री में शोक

Bollywood Legend Manoj Kumar Death at 87 Latest News
Manoj Kumar Death: हिंदी फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता और डायरेक्टर मनोज कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे। शुक्रवार (4 अप्रैल) सुबह तड़के मनोज कुमार का निधन हो गया। मनोज कुमार काफी लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। वह कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती थे और उनका यहां इलाज चल रहा था। यहीं मनोज ने 87 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मनोज कुमार के निधन से बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है।
मनोज कुमार के निधन पर उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने कहा, सुबह करीब 3:30 बजे कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उनका निधन हो गया। उन्हें लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां (Manoj Kumar Death Reason) थीं। यह भगवान की कृपा है कि उन्होंने शांतिपूर्वक इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनका अंतिम संस्कार कल होगा। कुणाल गोस्वामी ने कहा कि, उनकी जगह हम सब कभी भी नहीं भर पाएंगे।
मनोज कुमार के निधन पर फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने कहा, "महान अभिनेता मनोज कुमार के देहांत से हम सब बहुत दुख में हैं। आज फिल्म जगत को बहुत नुकसान हुआ है। उनकी फिल्में फिल्म जगत के नए लोगों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेंगी और पूरी इंडस्ट्री उन्हें हमेशा याद करेगी। वह भारतीय फिल्म जगत के 'शेर' थे। अशोक पंडित ने बताया कि, मनोज कुमार का अंतिम संस्कार कल 12 बजे किया जाएगा। आज उनका पार्थिव शरीर अस्पताल में ही रखा जाएगा।
शर्मीले छवि के थे मनोज कुमार, 'भारत कुमार' नाम मिला
दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार अपने दौर में प्रसिद्ध हैंडसम और शर्मीले छवि वाले एक्टर माने जाते थे। उनके बारे में हमेशा से एक बात बेहद चर्चित रही कि, वह बात करते समय अक्सर अपनी नजरें ऊपर नहीं उठाते थे। इसके अलावा मनोज कुमार देशभक्ति फिल्मों के लिए भी जाने गए। मनोज ने अपने फिल्मों में कई फिल्में देश पर कीं और उनकी ये फिल्में बेहद चर्चा में भी रहीं और खूब पसंद की गईं। वहीं देशभक्ति फिल्मों की वजह से ही मनोज कुमार को एक और नया नाम मिला। उन्हें 'भारत कुमार' कहा जाने लगा।
अदाकारी के एक बेहतरीन युग का अंत
बहराल, अभिनेता मनोज कुमार के निधन से अदाकारी के एक बेहतरीन युग का अंत हो गया है। मनोज कुमार एक्टिंग के साथ शानदार डायरेक्शन के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने देशभक्ति पर बनने वाली कई फिल्मों में न सिर्फ एक्टिंग की बल्कि इन फिल्मों को डायरेक्ट भी किया था। फिल्मों की बात करें तो मनोज को उनकी फिल्म 'शहीद', 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम', और 'रोटी कपड़ा और मकान', 'दस नंबरी' और 'क्रांति' के लिए सबसे ज्यादा चर्चा मिली। उनकी फिल्में हमेशा भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखेंगी।
पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित थे मनोज कुमार
मनोज कुमार सिर्फ एक दिग्गज एक्टर-डायरेक्टर ही नहीं थे। वह स्क्रीन राइटर और एडिटर भी थे। फिल्मों में अपनी एक्टिंग और फिल्मों को डायरेक्ट करने के लिए मनोज कुमार ने कई सारे अवॉर्ड जीते। उन्हें उनकी फिल्म उपकार के लिए 1968 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके अलावा मनोज कुमार को 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिले। साथ ही उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिया गया। वहीं भारत सरकार ने मनोज कुमार को उनके बेहतरीन काम और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए 1992 में पद्मश्री और 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया था।
बंटवारे के बाद भारत आ गए थे मनोज कुमार
मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को ब्रिटिश भारत के एबटाबाद में एक पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था। अब एबटाबाद पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा में स्थित है। जन्म के बाद मनोज कुमार का नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी रखा गया। मनोज कुमार जब 10 साल के थे तो उनके परिवार ने बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आने का फैसला किया। मनोज कुमार का परिवार दिल्ली आ गया और जिसके बाद मनोज ने अपनी पढ़ाई-लिखाई यहीं से की। उन्होंने हिंदू कॉलेज से कला स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने निकल पड़े।