रिश्वत लेते पकड़ा गया असिस्टेंट कमिश्नर, विजिलेंस टीम ने मुरादाबाद से किया गिरफ्तार
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Assistant Commissioner caught taking Bribe
मुरादाबाद। Assistant Commissioner caught taking Bribe: विभागों में रिश्वतखोरी का चल रहा खेल का एक फिर पर्दाफाश हुआ है। मेडिकल का लाइसेंस देने के नाम पर 15 हजार रुपये की घूस लेते बरेली की विजिलेंस टीम ने मुरादाबाद के सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर को गिरफ्तार कर लिया।
इनके कब्जे से घूस में लिए गए 15 हजार रुपये में भी बरामद किए। टीम सहायक आयुक्त को बरेली ले गई। जहां उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शुक्रवार को उन्हें एंटी करप्शन कोर्ट बरेली में पेश किया जाएगा।
यह है पूरा मामला
बहजोई निवासी सनी कश्यप ने पांच दिसंबर 2024 को पोर्टल पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया। आवेदन सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर के पास पहुंचा।
जब उन्होंने लाइसेंस जारी नहीं किया तो सनी कश्यप ने सहायक आयुक्त औषधि से संपर्क किया, तो 35 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। बिना रुपये के जब लाइसेंस नहीं मिला तो सनी ने दो किस्तों में 30 हजार रुपये देने की हामी भर दी।
पहली किस्त में 15 जबकि दूसरी में 20 हजार रुपये देने की बात तय हुई। उधर सनी ने इस मामले की जानकारी बरेली की विजिलेंस टीम को दे दी।
जानकारी के बाद विजिलेंस बरेली की टीम ने रिश्वत के आरोपी सहायक आयुक्त औषधि को पकड़ने के लिए पूरा जाल बिछा दिया। आवेदक को टीम द्वारा 15 हजार रुपये पाउडर लगाकर दिए।
इसी बीच गुरुवार सुबह मेडिकल स्टोर के लाइसेंस आवेदक सहायक आयुक्त औषधि के कार्यालय पर पहुंचा और रिश्वत के 15 हजार रुपये दे दिए। इसी दौरान विजिलेंस के इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इनके कब्जे से रिश्वत के रुपये बरामद किए और सिविल लाइंस में आमद कराने के बाद अपने साथ बरेली ले गई। गिरफ्तारी के बाद मनु शंकर को बरेली विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसपी विजिलेंस अरविंद आचार्य ने बताया कि सहायक आयुक्त औषधि को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इनके पास से डेढ़ लाख रुपये और मिले है। वह रुपये कहा से आए इसका पता भी लगाया जा रहा है।
तलाशी के दौरान टीम को मिले डेढ़ लाख रुपये
सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर को विजिलेंस टीम ने 15 हजार रुपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार करने के बाद उनकी जेब की तलाशी ली। टीम का दावा है कि तलाशी के दौरान सहायक आयुक्त औषधि के पास से डेढ़ लाख रुपये की नगदी मिली है। इस रकम के स्रोत की भी जांच की जा रही है। टीम पता लगा रही है कि उनके पास मिले डेढ़ लाख रुपये कहां से आए हैं।