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केदारनाथ धाम के कपाट इस तारीख को खुलेंगे; महाशिवरात्रि पर डेट अनाउंस, इस साल चार धाम की यात्रा करने वाले हैं तो यहां सब जानिए

Kedarnath Dham Kapat 2025 Open Date Announced Char Dham Yatra 2025

Kedarnath Dham Kapat 2025 Open Date Announced Char Dham Yatra 2025

Kedarnath Dham Kapat Open Date: अगर आप इस साल उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए ये खबर काम की है। दरअसल, आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की डेट आधिकारिक तौर पर अनाउंस कर दी गई है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही गंगोत्री धाम, यमुनोत्री धाम और बद्रीनाथ धाम के कपाट भी सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसलिए आप चार धाम की यात्रा को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दें।

कब खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट?

बता दें कि, इससे पहले अब तक केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख तय नहीं हुई थी। 26 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन यानि आज केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की डेट निकाली जानी थी। वहीं आज ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद तारीख तय कर दी गई। जानकारी दी गई है कि, केदारनाथ ज्योतिर्लिंग यानि केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को प्रातः 7 बजे खुलेंगे। इससे पहले 27 अप्रैल को भगवान भैरवनाथ जी की पूजा की जाएगी। वहीं बाबा केदार की पंच मुखी डोली 28 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी।

कब खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट?

पारंपरिक विधि पूर्वक बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि भी तय हो चुकी है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई की सुबह 6.00 बजे खोले जाएंगे। गौरतलब है कि पिछले साल बद्रीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को रात 9:07 बजे बंद कर दिए गए थे। जबकि केदारनाथ धाम के कपाट दिवाली पर बंद कर दिए गए थे। वहीं इस साल 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत रूप से खुल जाएंगे और चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा।

केदारनाथ सहित चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण जरूरी

अगर आप केदारनाथ सहित चार धाम यात्रा पर जाना चाहते हैं तो आपको इसके लिए अपना पंजीकरण कराना जरूरी है. आप संबन्धित आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आप को पंजीकृत कर सकते हैं। बता दें कि, चार धाम की यात्रा के दौरान आपको हेलीकॉप्टर की सुविधा भी मिलती है। इसके लिए पहले से ही बुकिंग करानी पड़ती है। वहीं चार धाम यात्रा के दौरान मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी के मद्देनज़र भी कई एहतियात बरतने होते हैं। कई बार यात्रा रोक भी दी जाती है।

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम

बतादें कि, भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ धाम है। यहां भगवान भोलेनाथ 5वें ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हैं। ऐसी मान्यता है कि यहीं पर भगवान शिव ने पांडवों को बैल के रूप में दर्शन दिए थे। केदारनाथ मंदिर का निर्माण पांडव राजा जनमेजय ने करवाया था। वहीं 8वीं और 9वीं सदी में जगतगुरु आदि शंकराचार्य ने इस भव्य मंदिर का जिर्णोद्धार निर्माण कराया था।

केदारनाथ जल प्रलय याद है

आपको याद है कि किस तरह से साल 2013 में 16-17 जून की रात को बादल फटने की वजह से केदारनाथ में जल प्रलय हुई थी। इस जल प्रलय में नदियों में विहंगम उफान के साथ तमाम पहाड़ भी टूटे थे। जिन्होंने पानी के साथ बहकर भारी तबाही मचाई थी। केदारनाथ जल प्रलय में पानी और बड़े-बड़े पत्थरों की चपेट में आकर कई लोग मारे गए थे।

यह जल प्रलय ऐसी थी कि मकान और वाहन कागज़ की तरह पानी में बहते नजर आ रहे थे। इस जल प्रलय के बाद केदारनाथ धाम को दोबारा बनाना पड़ा। वहां फिर से व्यवस्थाएं स्थापित करनी पड़ीं। आज भी जब केदारनाथ धाम की वो रात याद आती है तो लोग कांप जाते हैं।