देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी; 'हर-हर महादेव' के जयकारों की गूंज, कतार में खड़े लोगों को अपनी बारी का इंतजार

Huge crowds of devotees in Shiva temples across country on Mahashivratri
Mahashivratri 2025: आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिर पहुंचना शुरू हो गए हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है। वहीं श्रद्धालुओं के बीच 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों की गूंज सुनी जा रही है। श्रद्धालु पूरी तरह से शिव भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। शिवालयों के बाहर लंबी कतार में खड़े हर शख्स को अपनी बारी का इंतजार है।
यह भी पढ़ें
ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता
महाशिवरात्रि पर जहां देशभर के सभी शिवालयों में शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है तो वहीं इस खास अवसर पर भोलेनाथ के कई प्राचीन मंदिरों और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने को भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए हैं। यहां विशाल कतारों में लोगों को घंटों-घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मैनेज करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। वाराणसी काशी विश्वनाथ और उज्जैन महाकालेश्वर में ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग पूजा दर्शन
विशेष रूप से सजाये गए देशभर के शिवालय
महाशिवरात्रि के मौके पर देशभर के शिवालय और शिव मंदिर विशेष रूप से सजाये भी गए हैं। शिव मंदिरों की चमक-धमक और रौनक देखती ही बन रही है। इसके साथ ही शिव मंदिरों में दूध की प्रसादी का लंगर भी लगा है। साथ ही मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को फल भी वितरित किए जा रहे हैं। भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालु प्रसादी पा रहे हैं। वहीं लोग भी मंदिर में दान के लिए आगे आकर फल और दूध का दान कर रहे हैं।
शिवालयों में रुद्राभिषेक हो रहे
मान्यता है कि, महाशिवरात्रि पर जो भी भोलेनाथ की रम-जम के विधि-विधान से पूजा अर्चना करता है। उसकी सभी मनोकामनाओं को भोलेनाथ पूर्ण करते हैं। साथ ही बाबा की कृपा दृष्टि उसपर सदैव बनी रहती है। इस दिन जलाभिषेक के साथ दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक व पूजन सभी भक्तों के लिए बेहद शुभ फल देने व कल्याण करने वाला होगा। मान्यता है कि भगवान शिव रुद्राभिषेक से बेहद प्रसन्न होते हैं और सभी ग्रहों के कारण आने वाली समस्याएं पहले से नष्ट हो जाती है। यह कहा जाता है कि, भगवान शिव के रुद्राभिषेक में वो शक्ति है जो मौत के पंजे से भी इंसान को वापस ले आती है।
ऐसे में 'महाशिवरात्रि' के मौके पर होने वाले रुद्राभिषेक की खास महिमा बताई गई है। वहीं हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक, महाशिवरात्रि को निशीथकालीन पर्व माना गया है। यानि इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा जरूर करनी चाहिए। मतलब शाम के समय भगवान शिव की आराधना खास फलदायी मानी गई है। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर 8 पहर की पूजा का भी प्रावधान है। मान्यता है कि, 8 पहर की पूजा करने से साल भर की पूजा का फल भगवान शिव दे देते हैं।